प्रतिमा निर्माण विधान भाग-1

यह पुस्तक पूरे भारतवर्ष के मंदिर स्थापत्य की समृद्ध ऐतिहासिक परंपराओं का सटीक तथा प्रमाणित विवेचन प्रस्तुत करती है। इसमें नागर, द्रविड़ और वेसर—तीन प्रमुख स्थापत्य शैलियों की विशद व्याख्या है, जो भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत को कला, ज्यामिति व आध्यात्मिक ऊर्जा के संदर्भ में उजागर करती हैं

मन्दिर एवं देव स्थापत्य के मूल सिद्धांत “प्रमुख शैलियाँ”

यह पुस्तक पूरे भारतवर्ष के मंदिर स्थापत्य की समृद्ध ऐतिहासिक परंपराओं का सटीक तथा प्रमाणित विवेचन प्रस्तुत करती है। इसमें नागर, द्रविड़ और वेसर—तीन प्रमुख स्थापत्य शैलियों की विशद व्याख्या है, जो भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत को कला, ज्यामिति व आध्यात्मिक ऊर्जा के संदर्भ में उजागर करती हैं

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